Showing posts with label मन की शांति .. Show all posts
Showing posts with label मन की शांति .. Show all posts

Saturday, July 12, 2014

गुरु पूर्णिमा

मित्रो , 
आप सभी को मेरे प्रणाम . 

जीवन में गुरु का महत्व माता -पिता के सामान ही है . और एक ही जीवन में हम एक अथवा अनेक गुरुजनों से मिलते है और ज्ञान ग्रहण करते है . जीवन को एक सही दिशा देने में गुरु का ही सर्वोत्तम स्थान है . इस लिए तो कहा गया है कि : 

||| गुरु ब्रम्हा गुरु विष्णु गुरु देव महेश्वर, गुरु साक्षात् परब्रह्म, तैस्मय: श्री गुरुवे नमः |||

और ये भी बात उतनी ही सत्य है कि :

                    ईश कृपा बिन गुरु नहीं, गुरु बिना नहीं ज्ञान ।
                    ज्ञान बिना आत्मा नहीं, गावहिं वेद पुरान ॥

आईये गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर हम अपने अपने गुरुजनों को याद करे और उन्हें अपने प्रणाम अर्पित करे. 

और हां , आप सभी तो मेरे गुरु है ही , मैं कुछ न कुछ आप सभी से सीखते रहता ही हूँ. इसलिए आप सभी को मेरे प्रणाम ! 

आपका जीवन शुभ हो . 
आपका अपना 
विजय 



Saturday, August 24, 2013

शिक्षा

प्रत्‍येक मनुष्‍य जिससे मैं मिलता हूं किसी न किसी रीत में / व्यवहार में / गुण में / ज़िन्दगी जीने के ढंग में / कला में / मुझसे श्रेष्‍ठ होता है इसलिए मैं उससे कुछ शिक्षा लेता हूं !

Friday, August 2, 2013

क्षमा / माफ़ी

मेरे आत्मन ,
आप सभी को मेरे प्रणाम

माफ़ करना  इस संसार का सबसे श्रेष्ठ कार्य है . यदि आप किसी को क्षमा करते है तो इससे बड़ा व्यगतीगत दान , मेरी नज़र में कोई नहीं है .

माफ़ी देने से आप खुद को ही बेहतर करते/ पाते  है . दुसरो की दगाबाजी , धोखेबाजी , या किसी भी अन्य प्रकार  के छल, सिर्फ आपको मानसिक संताप देते है , जब तक कि आप उन सभी दुखो के लिए उस व्यक्ति को क्षमा नहीं कर देते.

आईये . एक स्वस्थ मन ,तन के लिए हम क्षमा का दान करे. उसकी राह पकडे.

धन्यवाद

ह्रदय से प्रेम भरे अलिंगनो के साथ आप सभी का .

विजय