Monday, August 3, 2009

THE FIRST PRAYER ....पहली प्रार्थना ......


DEAR FRIENDS , I REUEST YOU ALL TO TRANSFORM RELIGION INTO SPIRITUALITY. AND THIS CAN HAPPEN WHEN WE ALL FIND THE DIVINE FORCE WITHIN THAN SEEING OUTSIDE.LETS MAKE FREINDS.LETS SPREAD THE MESSAGE OF FRIENDSHIP & LOVE & SPIRITUALITY. LETS BE HUMAN, AS HUMANITY IS THE REAL WORSHIP OF GOD.




दोस्तों , यदि हम धार्मिकता को छोड़कर अध्यात्म की राह पर चले तो जीवन का कठिन संघर्ष बहुत आसान हो जायेगा , और ये संभव है यदि हम परमात्मा को बाहर की ओर ढूँढने की अपेक्षा भीतर की ओर ढूंढें ..आईये परमात्मा के द्वारा दिए गए एक महान उपहार " मित्रता " के द्वारा हम दोस्ती, प्यार और अध्यात्म का पाठ सभी को पढाये... आईये प्रथम , हम एक इंसान बने ,क्योंकि इंसानियत ही सही अर्थो में ईश्वर की पूजा है ..




5 comments:

Vivek-Jivan said...

bahut achha prayas hai, likhte rahiye!

चंदन कुमार झा said...

चिट्ठाजगत में आपका स्वागत है.......भविष्य के लिये ढेर सारी शुभकामनायें.

गुलमोहर का फूल

Neelesh K. Jain said...

I welcome you in this wonderful world of expression !
Your blog is really impressive and sounding a promise towards greater good of humanity.
I am also working on such theme but in a circular way. From all over Inida, I get queries sometimes personal sometimes para-physical and I try to write the answer as per the level of query keeping spirituality in background.

You may dive into my blog :

http://www.yoursaarathi.blogspot.com/

Please be in touch.
Neelesh Jain

alka sarwat said...

अध्यात्म का स्वाद आज की पीढी नहीं जानती और जानना भी नहीं चाहती

संगीता पुरी said...

बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।