Friday, August 7, 2009

THANK YOU GOD . धन्यवाद प्रभु





FRIENDS, DID YOU THANK YOUR GOD TODAY ? FOR ALL THOSE BLESSINGS ,WHICH HE SHOWERED UPON YOU. FOR THAT SUPREME POWER WHICH SAVES YOU FROM ALL THE EVILS OF LIFE. FRIENDS; IN THE RAT RACE OF LIFE , WE HAVE FORGOTTON ,HOW TO THANK OUR GOD FROM HEART. LIKE ALL OTHER WORKS OF DYA TO DAY LIFE , WE COMPLETE OUR PRAYERS AND THAN WE GET BACK TO OUR LIFE ,WHICH IS AGAIN A BLESSING BY GOD. I REQUEST YOU ALL , JUST TO TAKE A MOMENT OUT OF YOUR 24 HOURS AND COSE YOUR EYES, FOLD YOUR HANDS , JUST THINK OF YOUR GOD ,MAY BE JESUS, MAY BE BUDDHA , MAY BE KRISHNA , MAY BE MOHAMMAD ,MAY BE MAHAVEER, MAY BE ALLAH, JUST THINK OF HIM, PRAY AND SAY THANK YOU GOD . BELEIEV ME IT WILL MAKE YOUR DAY. PRANAAM


दोस्तों क्या आपने आज अपने प्रभु को धन्यवाद दिया , उन सारी नेमतों के लिए जो उसने आपको दी है , उसकी मेहर के लिए ,जिसकी छत्री आपको दुखो से बचाती है , उसके आर्शीवाद के लिए ,जो आपको सुख देती है , उसकी कृपा के लिए जो आपकी बेहतरी करती है ..दोस्तों ,जीवन की RAT-RACE में हम अपने प्रभु को धन्यवाद देना भूल गए है ...हम सिर्फ एक किसी और कार्य की तरह से अपने प्रभु की पूजा करते है , प्रणाम करते है और फिट अपनी दुनिया में समां जाते है ये भूलकर की ये दुनिया भी उसी की दी हुई है ....मैं आप सबसे विनंती करता हूँ की ,कृपया , पूरे दिन के 24 घंटो में एक बार ,सिर्फ एक बार दिल की गहराईयों से अपनी आँखे बंद करके , सिर्फ अपने प्रभु के बारे में ही सोचते हुए उसे दिल से ,मन से , तन से ; हाथ जोड़कर , सर झुकाकर नमन करते हुए धन्यवाद दे. सिर्फ एक बार ही काफी होंगा , ज्यादा करोंगे तो ROUTINE सा हो जायेगा ....बस एक बार अपने खुदा, अपने जीसस ,अपने प्रभु ,अपने बुद्ध , अपने महावीर , अपने कृष्ण , अपने ईश्वर को धन्यवाद दीजिये..फिर देखिये आपका दिन कितना अच्छा बीतेंगा . प्रणाम.

4 comments:

Nirmla Kapila said...

जी प्रभू का धन्यवाद ना करें तो दिन कैसे निकलेगा और आपका भी धन्यवाद हमे याद करवाने के लिये सुन्दर पोस्ट््

Babli said...

बहुत बढ़िया लिखा है आपने और सुबह सुबह सबसे पहले आपका ब्लॉग पड़कर और भी अच्छा लगा! दिन शुरू करने से पहले मैं भगवान से हमेशा प्रार्थना करती हूँ!

अर्शिया अली said...

Nice Post.
{ Treasurer-T & S }

आदित्य आफ़ताब "इश्क़" said...

मन में बसे हैं ईश्वर-अल्लाह ,..............विजय जी आज के वक़्त की बेहद ज़रूरी पोस्ट ! बधाई